सच्ची तौबा की शर्तें ये हैं :
1- गुनाह को तुरंत छोड़ देना।
2- गुज़रे हुए गुनाह पर दिल से पछताना।
3- दुबारा उस गुनाह की तरफ न लौटने का संकल्प पक्का इरादा करना।
यदि तौबा का संबंध धन, सम्मान या जीवन के संदर्भ में किसी के साथ अन्याय करने से है किसी और इंसान के हक (धन, इज़्ज़त, या जान) से संबंधित है, तो एक और शर्त ज़रूरी है
4- जिसका हक मारा गया हो, उससे माफ़ी माँगना या उसका हक़ वापस करना।