उत्तर :
हरप्रकार कीप्रशंसा औऱगुणगान केवलअल्लाह के लिएयोग्य है।
मैं ने यह सवालशैख़ अब्दुर्रहमानअल बर्राकहफिज़हुल्लाहतआला के सामनेपेश किया।
तो उन्होंने उत्तरदिया :
"हाँ,उसके लिएरोज़ा क़ज़ाकरनाअनिवार्य है, क्योंकिइस दिन कारोज़ा उसकेऊपर अनिवार्य थाऔर उसने एकउज़्र के कारणरोज़ा तोड़दिया था।
और यदि वह ऐसे शहरमें पहुँचे जहाँके लोग रोज़ेसे न हों तोउसके लिए उनकेसाथ रोज़ातोड़ देनाअनिवार्य है,क्योंकि उसकाहुक्म उस शहरके लोगों काहुक्म हैंजिसमें वहपहुँचा है।
लेकिन अगरउसने फ़ज्र (सुबह)होने से पहले यात्राकी हैः तो उसकेलिए कुछ भीअनिवार्य नहींहै ; क्योंकिफ़ज्र उदयहोने से पहले उसपर रोज़े काहुक्म लागूनहीं होगा।''समाप्त हुआ।
तथा लाभ के लिएदेखें : (71203), (45545), (217122)।
और अल्लाहतआला ही सबसेअधिक ज्ञानरखता है।