फिक़्ह (इसलामी शास्त्र) और उसके सिद्धांत
क्या नजासत (अशुद्धि) को शुद्ध करने के लिए उसे कई बार धोना आवश्यक हैॽ
सहेजेंमृत पशु की हड्डी और उससे बनाए गए बर्तनों का हुक्म
सहेजेंबड़ी अशुद्धता से ग़ुस्ल करने का तरीक़ा
सहेजेंयदि उसने फज्र के समय मोज़ा पहना है तो क्या वह अगली फज्र तक उसपर मसह करेगा?
सहेजेंक्या बीमारी के कारण एक लंबी अवधि के लिए मोज़ों पर मसह करना जायज़ है?
सहेजेंचमड़े के मोज़े या जुराब पर मसह करना उसी समय जायज़ है जब उन्हें पूर्ण शुद्धता (वुज़ू) की स्थिति में पहना हो
सहेजेंयदि आदमी बायें पैर को धोने से पहले दायें पैर में मोज़ा पहन ले तो क्या वह मोज़े पर मसह करेगा ?
सहेजेंपारदर्शी चिकित्सकीय मोज़े पर मसह करना
सहेजेंउसने निवासी होने के बावजूद तीन दिन मसह किया तो क्या वह दो दिन की नमाज़ें दोहरायेगा ॽ
सहेजेंमोज़ों पर मसह करने के बाद यदि उन्हें उतार दे तो क्या इससे उसकी तहारत (पवित्रता) नष्ट हो जायेगी ?
सहेजें